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पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज श्री रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) के लगातार दिशा निर्देश, पुलिस अधीक्षक, श्री प्रफुल्ल ठाकुर (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पटेल के द्वारा अंधे कत्ल का हुआ खुलासा, सुपारी देकर कराई गई थी महिला की हत्या प्रेम संबंध के चलते पति-पत्नी ने रची हत्या की साजिश।

थाना सक्ती, जिला सक्ती(छ.ग.) अपराध क्र. 290/2026 धारा 103(1), 61(2), 3(5), बी एन एस, 25, 27 आर्म्स एक्ट🔵 अंधे कत्ल का खुलासा, सुपारी देकर कराई गई थी महिला की हत्या🔵 प्रेम संबंध के चलते पति-पत्नी ने रची हत्या की साजिश।🔵 04 लाख की सुपारी देकर कराई गई हत्या।🔵 झारखंड, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ से हत्या में संलिप्त सभी 09 आरोपियों को किया गया गिरफ्तार।🔵 हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन एवं नगदी राशि बरामद।⚫ जप्त समाग्री का विवरण:-आरोपी राजेन्द्र महंत से पिस्तौल एवं 04 नग

जिंदा राउण्ड, नगदी 52000रूपये जप्त।▪️आरोपी गौरीशंकर से मोबाईल व नगदी 6000 रूपये जप्त। ▪️आरोपिया चम्पा चैहान से बैंक पासबुक एवं 01 नग मोबाईल जप्त। ▪️आरोपी मुरलीशंकर चैहान से मोबाईल जप्त। ▪️आरोपी सुमित गबेल से टीव्हीएस मोटरसायकल, मोबाईल व नगदी 2000 रू. नगदी।▪️आरोपी वेदप्रकाश महंत उर्फ सोनू से मो0सा0, मोबाईल व नगदी 4000 रूपये। ▪️आरोपी सुनील महंत से 4000 रूपये नगदी जप्त।

▪️आरोपी चंद्रशेखर दास महंत से मोबाईल एवं 3500 रूपये नगदी जप्त।▪️आरोपी राकेश महंत से मोबाईल जप्त। ▪️घटनास्थल से पिस्तौल का 03 नग खाली खोखा। मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 26.06.2026 को सूचना प्राप्त हुआ कि ग्राम जोंगरा निवासी पूर्णिमा चैहान उर्फ पूनम को 02 अज्ञात नकाबापोश व्यक्तियों द्वारा पिस्तौल से गोली मारकर हत्या कर मोटरसायकल से फरार हो गये है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज श्री रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) के लगातार दिशा निर्देश, पुलिस अधीक्षक, श्री प्रफुल्ल ठाकुर (

भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल एवं एसडीओपी सक्ती डाॅ भुवनेश्वरी पैंकरा के पर्यवेक्षण में तत्काल पुलिस टीम गठित किया गया टीम लगातार 04 दिनों तक अज्ञात आरोपियों के पतासाजी में जुटी रही। पतासाजी के दौरान मृतिका के परिजनों एवं अनेक संदेहियों से पूछताछ किया गया, साथ ही आरोपियों के पतासाजी हेतु तकनीकी साधनों का उपयोग करते हुये मोबाईल टावर डंप एवं काॅल डिटेल का बारिकी से विश्लेषण किया गया तथा सीसीटीव्ही फूटेज खंगाले गये। प्रकरण में विवेचना दौरान ज्ञात हुआ कि मृतिका पूर्णिमा चैहान उर्फ पूनम का मुरलीशंकर चैहान निवासी देल्लारी जिला रायगढ़ के साथ प्रेम संबंध थे और इस बात से गौरीशंकर एवं पत्नी चम्पा चैहान के बीच लगातार अनबन एवं लड़ाई झगड़ा होता था। संदेह के आधार पर चम्पा चैहान से पूछताछ किया गया जो शुरूवात में बार-बार अपना ब्यान बदलकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करने लगी, जिसे हिकमतअमली से पूछताछ करने पर बताई पूर्णिमा चैहान उर्फ पूनम और उसके पति मुरलीशंकर चैहान एक साथ आयुर्वेदिक दवाई प्रचार व बिक्री का काम करते थे और दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गया था। चम्पा चैहान को उसके पति और पूर्णिम चैहान के प्रेम संबंध होने की जानकारी होने पर अपने पति मुरलीशंकर चैहान और पूर्णिमा चैहान को बार-बार समझाईश दी थी। चम्पा चैहान समझाईश पर उसका पति मुरलीशंकर चैहान मान गया और पूर्णिमा चैहान से दूरी बना लिया था किंतु पूर्णिमा चैहान नही मान रही थी और मुरलीशंकर चैहान को लगातार शादी करने का दबाव बना रही थी। जिससे परेशान होकर मुरलीशंकर चैहान और चम्पा चैहान ने पूर्णिमा चैहान को जान से मारकर रास्ते से हटाने का योजना बनाये। घटना को अंजाम देने के लिए दोनों झारखंड में गोली कांड कर वापस आये राजेन्द्र महंत को संपर्क किया तथा पूर्णिमा को जान से मारने का 04 लाख रूपये में सुपारी दिये और सुनील महंत एवं गौरीशंकर सिदार द्वारा घटना कारित करने केे बाद पैसा देने का सौदा तय हुआ था। सौदे के तय रकम में से चम्पा चैहान द्वारा घटना के पश्चात् 02 लाख रूपये को राजेंद्र महंत व उसके साथ आये 02 अन्य साथी को दिया गया है। प्रकरण में आरोपी राजेन्द्र महंत, गौरीशंकर सिदार एवं सुनील महंत का मोबाईल लोकेशन लेने पर राजेन्द्र महंत जमशेदपुर (झारखण्ड) होना तथा गौरीशंकर सिदार एवं सुनील महंत का लोकेशन पूणे (महाराष्ट्र) होना पाया गया। जिस पर तत्काल गठित टीम को झारखण्ड एवं महाराष्ट्र रवाना किया और राजेन्द्र महंत जमशेदरपुर (झारखण्ड) से तथा गौरीशंकर सिदार एवं सुनील महंत को पूणे (महाराष्ट्र) से घेराबंदी कर पकड़ा गया, जिन्हे हिरासत में लेकर जिला सक्ती आये जिनसे पूछताछ करने पर बताये कि चम्पा चैहान एवं उसके पति मुरलीशंकर चैहान से पूर्णिमा महंत की हत्या करने का 04 लाख रूपये में सुपारी लिये थे। इसके बाद राजेन्द्र महंत अपने अन्य साथी गौरीशंकर सिदार, राकेश महंत, वेद प्रकाश महंत उर्फ सोनू, सुमित गबेल, चंद्रशेखर महंत एवं सुनिल महंत एक दुसरे के सहयोग कर पूर्णिमा चैहान की हत्या करने का योजना बनाये तथा घटना को अंजाम देने का दिन 26.06.2026 तय किये और सौदे के रकम को एक-दुसरे में बटवारा करने की बात किये। योजनानुसार दिनांक 26.06.2026 को पूर्णिमा चैहान को गोली मारने के लिए ग्राम जांेगरा सुनील महंत और गौरीशंकर सिदार दोनों मो0सा0 से गये, गौरीशंकर सिदार ने पिस्तौल से पूर्णिमा चैहान को गोली मारा इसकेे बाद सुमित गबेल द्वारा घटना को अंजाम देने और वहां से भागनेे के लिए दिये गये मो0सा0 से फरार हो गयेे। घटना कारित करने के बाद राकेश महंत ने गौरीशंकर सिदार एवं सुनील महंत को दिगर राज्य फरार होने में सहयोग किया तथा चम्पा चैहान से सौदे के तय रकम में से 02 लाख रूपये को राजेंद्र महंत अपने साथी वेदप्रकाश महंत उर्फ सोनू तथा चंद्रशेखर महंत के साथ ग्राम देल्लारी जाकर लिये।प्रकरण में आरोपी सुमित गबेल, राकेश महंत, चंद्रचंद्रशेखर महंत एवं वेदप्रकाश उर्फ सोनू को दबिस देकर उनके सकुनत से पकड़ा गया जिनके द्वारा भी पूछताछ पर अपराध घटित करना स्वीकार किये। घटना में प्रयुक्त पिस्तौल को आरोपी राजेंद्र महंत के कब्जे से, सुमित गबेल के कब्जे से मो0सा0, आरोपिया चम्पा चैहान के कब्जे से मोबाईल व सौदे का रकम निकलने में प्रयुक्त बैंकपास बुक, मुरलीशंकर चैहान के कब्जे से मोबाईल जप्त किया गया है। इसी प्रकार सुनील महंत, गौरीशंकर सिदार, राकेश महंत, चंद्रशेखर महंत एवं वेदप्रकाश महंत के कब्जे से मोबाईल एवं बटवारे में हिस्से में आये रकम में से बचा हुआ नगदी रकम को जप्त किया गया है। प्रकरण के आरोपीगण के विरूद्ध अपराध धारा सदर का घटित करने का पर्याप्त साक्ष्य पाये जाने से विधिवत् गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश जा रहा है। उपरोक्त कार्यवाही में निरीक्षक लखन लाल पटेल, कमल किशोर महतो, अमित सिंह, उप निरीक्षक सी.पी. कंवर, भुपेन्द्र चंद्रा, अनवर अली, जी.एस राजपूत, स.उ.नि. जे.के. वर्मा, नीलमणी कुसुम, चित्रांगद चंद्रा, सुरेश पाठक प्रधान आरक्षक शब्बीर मेमन, प्रेेम सिदार, तेज कुमार गबेल, आरक्षक फारूख खान, गोपाल साहू, एलेक्सियूस मिंज कमलेश लहरे, पवन साण्डे, कमलकिशोर सिदार, दीपक साहू, जितेन्द्र कंवर, भागवत श्रीवास, यादराम चंद्रा, प्रमोद खाखा, बृजमोहन नेताम, दीपक बंजारे श्याम गबेल, महासिंह सिदार महिला आरक्षक अनिता कंवर, सुलेखा कश्यप, सुमित्रा बंजारे, धरमिन सिदार एवं समस्त थाना स्टाप का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।*नाम आरोपियान:- 01. श्रीमती चम्पा चैहान पति मुरलीशंकर चैहान उम्र 40 वर्ष ग्राम देल्लारी थाना पूंजीपथरा थाना रायगढ (छ0ग0) 02. मुरलीशंकर चैहान पिता भाकूलाल चैहान उम्र 43 वर्ष ग्राम देल्लारी थाना पूंजीपथरा थाना रायगढ (छ0ग0) 03. सुनील महंत पिता मदन महंत उम्र 19 वर्ष साकिन मालखरौदा, जिला सक्ती छ0ग0।04. गौरीशंकर सिदार पिता नंद सिदार उम्र 21 वर्ष साकिन बकेली थाना खरसिया जिला रायगढ (छ0ग0) 05. राकेश महंत पिता निर्मलदास महंत उम्र 22 साल साकिन बंजारी थाना मालखरौदा जिला सक्ती (छ0ग0) 06. वेद प्रकाश महंत उर्फ सोनू पिता कन्हैया दास उम्र 23 साल साकिन बंजारी थाना मालखरौदा जिला सक्ती।07राजेन्द्र महंत पिता निर्मलदास महंत उम्र 25 साकिन बंजारी थाना मालखरौदा जिला सक्ती (छ0ग0)08.सुमित गबेल पिता मनोहर लाल गबेल उम्र 26 साल साकिन बकेली थाना खरसिया जिला रायगढ (छ0ग0) 09. चंद्रशेखर महंत पिता परदेशी दास महंत उम्र 19 साल साकिन बंजारी थाना मालखरौदा जिला सक्ती (छ0ग0)

Khilawan Prasad Dwivedi

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