थाना सक्ती पुलिस की बड़ी कार्यवाहीअवैध रूप से कच्ची महुआ शराब बनाकर परिवहन करने वाले 03 आरोपी गिरफ्तार निरीक्षक श्री लखन लाल पटेल, थाना प्रभारी सक्ती विशेष योगदान रहा

दिनांक: 21.03.2026थाना: सक्ती, जिला सक्ती (छत्तीसगढ़)अपराध क्रमांक: 132/2024धारा: 34(2), 42 आबकारी एक्ट—🔴 थाना सक्ती पुलिस की बड़ी कार्यवाहीअवैध रूप से कच्ची महुआ शराब बनाकर परिवहन करने वाले 03 आरोपी
गिरफ्तारआरोपियों के कब्जे से 50 लीटर कच्ची महुआ शराब जप्तशराब बनाने के 04 नग सिल्वर हंडा एवं 02 स्कूटी वाहन जप्तकुल जप्ती मूल्य लगभग ₹70,000/—-👤 आरोपियों का विवरण1. बादल खूंटे, पिता दशरथ, उम्र 19 वर्ष, निवासी हरदी, थाना सक्ती2. हुनेश बंजारे, पिता पेश लाल, उम्र 19 वर्ष, निवासी हरदी, थाना सक्ती3. लक्ष्मी खूंटे, पिता गणेश, उम्र 20 वर्ष, निवासी हरदी, थाना सक्तीजिला सक्ती (छ.ग.)—📌 मामले का संक्षिप्त विवरणदिनांक 21.03.2026 को थाना सक्ती पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम हरदी स्थित ठाकुर डबरी (सूखा तालाब) में कुछ व्यक्तियों द्वारा हाथ भट्ठी के माध्यम से अवैध कच्ची महुआ शराब बनाई जा रही है।सूचना पर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया एवं उनके निर्देशन में पुलिस टीम द्वारा गवाहों के साथ मौके पर दबिश दी गई।मौके पर तीन आरोपी दो स्कूटी वाहनों में जूट की बोरियों में कच्ची महुआ शराब भरकर बिक्री हेतु ले जाते हुए पकड़े गए। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम उपरोक्त बताए।मौके पर तलाशी लेने पर आरोपियों के कब्जे से कुल 50 लीटर कच्ची महुआ शराब जप्त की गई। साथ ही शराब निर्माण स्थल पर जाकर देखा गया कि हाथ भट्ठी से शराब बनाई जा रही थी, जिसे मौके पर नष्ट किया गया।आरोपियों से शराब रखने, बनाने एवं परिवहन करने संबंधी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु नोटिस दिया गया, परंतु उनके द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।—🚔 पुलिस कार्यवाहीआरोपियों के विरुद्ध धारा 34(2), 42 आबकारी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया एवं न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।सक्ती पुलिस द्वारा अवैध शराब, जुआ एवं सट्टा के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।👮♂️ सराहनीय योगदानउक्त कार्यवाही में निरीक्षक श्री लखन लाल पटेल, थाना प्रभारी सक्ती के नेतृत्व मेंउप निरीक्षक नीलमणि कुसुम, प्रधान आरक्षक हेमंत राठौर, आरक्षक यादराम चन्द्रा, शैलेन्द्र देवांगन, महासिंह सिदार, हेमंत केसरिया, प्रमोद खाखा एवं विकास राठौर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।