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डायबिटीज और एनीमिया से लड़ने में मदद करती है रागी, जानिए क्यों हर घर की रसोई में होना चाहिए यह अनाज

आपने सुना होगा कि रागी बेहद फायदेमंद अनाज है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग नाम से जाना जाता है? महाराष्ट्र में इसे नाचनी और बिहार में मड़ुआ कहते हैं, जबकि अंग्रेजी में इसे फिंगर मिलेट  कहा जाता है। सर्दियों में शरीर को गर्माहट देने के लिए लोग कई तरह के उपाय करते हैं,

लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि इनमें से एक है रागी को डाइट का हिस्सा बनाना। जी हां, रागी सिर्फ शरीर को गर्म ही नहीं रखती, बल्कि यह एक पोषक तत्वों का खजाना भी है। इसमें भरपूर मात्रा में एमिनो एसिड, एंटी-ऑक्सीडेंट्स, विटामिन, मिनरल्स और फाइबर पाए जाते हैं जो हमारे शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं इसके बारे में।

  • डाइजेशन को बनाए हेल्दी: रागी में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह कब्ज, एसिडिटी और पेट फूलने जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है।
  • वजन घटाने में मददगार: रागी में कैलोरी कम होती है जिससे इसे खाने पर पेट लंबे समय तक भरा रखता है। यह वजन घटाने के लिए एक अच्छा ऑप्शन है।
  • हड्डियों को मजबूत बनाए: रागी में कैल्शियम की मात्रा ज्यादा होती है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसके साथ ही यह ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे से भी बचाती है।
  • एनीमिया से बचाव: रागी में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है, जो एनीमिया से लड़ने में भी काफी मदद करता है।
  • ब्लड शुगर को करे कंट्रोल: रागी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिसका मतलब है कि यह ब्लड शुगर के स्तर को धीरे-धीरे बढ़ाता है। ऐसे में, डायबिटीज के मरीजों के लिए इसे खाना बेहद फायदेमंद है।
  • स्ट्रेस दूर करे: रागी में ट्रिप्टोफैन नामक अमीनो एसिड होता है, जो सेरोटोनिन के प्रोडक्शन को बढ़ाता है। सेरोटोनिन एक न्यूरोट्रांसमीटर है जो मूड को बेहतर बनाने में मदद करता है।
  • हार्ट के लिए हेल्दी: रागी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स दिल से जुड़ी बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद करते हैं।

Khilawan Prasad Dwivedi

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