सफलता की कहानी प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली जागेश्वर साहू की ज़िंदगी।

सफलता की कहानी प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली जागेश्वर साहू की ज़िंदगी, सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की नई पहचान बनी योजना सक्ती, 25 दिसम्बर 2025// जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं – रोटी और कपड़े के बाद आवास सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। प्रत्येक व्यक्ति का सपना होता है कि उसका स्वयं का सुरक्षित और पक्का घर हो। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने ऐसे ही असंख्य गरीब परिवारों के सपनों को साकार किया है। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अभिसरण से ग्रामीण अंचलों में रहने वाले परिवारों के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन देखने को मिल रहा है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी जनपद पंचायत सक्ती, जिला सक्ती के ग्राम पंचायत बोरदा निवासी 40 वर्षीय श्री जागेश्वर कुमार साहू पिता श्री सियाराम साहू की है, जो अपने परिवार के साथ वर्षों से कच्चे और असुरक्षित आवास में जीवन यापन कर रहे थे। आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने कभी यह कल्पना भी नहीं की थी कि उनका स्वयं का पक्का घर होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने जागेश्वर साहू के इस सपने को साकार कर दिखाया। उनका नाम आवास प्लस 2018 की पात्रता सूची में सम्मिलित था। वर्ष 2024-25 में आयोजित ग्राम सभा में उनकी आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सर्वसम्मति से उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत लाभान्वित करने का प्रस्ताव पारित किया गया। ग्राम सभा से चयन की सूचना उन्हें ग्राम के आवास मित्र के माध्यम से प्राप्त हुई। यह समाचार मिलते ही जागेश्वर की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जिला प्रशासन द्वारा शीघ्र ही उनके आवास की स्वीकृति प्रदान की गई तथा प्रथम किश्त के रूप में 40,000 रूपए की राशि एफटीओ के माध्यम से उनके व्यक्तिगत बैंक खाते में अंतरित की गई। निर्माण प्रगति के अनुसार द्वितीय किश्त तथा आवास पूर्ण होने पर तृतीय एवं अंतिम किश्त की राशि भी उन्हें प्रदान की गई। इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत उन्हें 84 दिवस की मजदूरी का भुगतान भी प्राप्त हुआ। प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ-साथ स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण अंतर्गत शौचालय का निर्माण हुआ, जिससे उन्हें और उनके परिवार को खुले में शौच से मुक्ति मिली। पक्के मकान और शौचालय ने उनके जीवन में सम्मान और सुरक्षा की भावना को मजबूत किया। अन्य योजनाओं के अभिसरण से श्री जागेश्वर साहू के जीवन में और भी सकारात्मक परिवर्तन आए। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के अंतर्गत उनके घर में निःशुल्क विद्युत कनेक्शन प्रदान किया गया, जिससे आज घर के प्रत्येक कमरे में रोशनी है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत उन्हें गैस सिलेंडर और चूल्हा प्राप्त हुआ, जिससे अब धुएँ से होने वाली बीमारियों से मुक्ति मिली और समय पर भोजन पकाना संभव हो सका। स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत उन्हें आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया, जिसके माध्यम से सरकारी अथवा निजी अस्पतालों में 5 लाख रूपए तक का निःशुल्क उपचार संभव हो सका। इसके अतिरिक्त, उनकी पत्नी को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1,000 रूपए की आर्थिक सहायता मिल रही है। खाद्य विभाग द्वारा राशन कार्ड उपलब्ध कराए जाने से चावल, शक्कर, नमक जैसी आवश्यक वस्तुएँ उन्हें रियायती दरों पर प्राप्त हो रही हैं। अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए श्री जागेश्वर साहू कहते हैं मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरा खुद का पक्का घर होगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने मेरे इस सपने को पूरा किया है। अब मैं अपने परिवार के साथ सुरक्षित घर में रहता हूं। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के अभिसरण ने श्री जागेश्वर साहू जैसे जरूरतमंद परिवार को न केवल पक्का मकान दिया, बल्कि उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का नया जीवन भी प्रदान किया है।