जिला सूरजपुर फर्जी प्रेस कार्ड गिरोह का खुलासा सूरजपुर में डिजिटल पोर्टलों पर गंभीर आरोप, कलेक्टर व एसपी कार्यालय में शिकायत से मचा हड़कंप

फर्जी प्रेस कार्ड गिरोह का खुलासा? सूरजपुर में डिजिटल पोर्टलों पर गंभीर आरोप, कलेक्टर व एसपी कार्यालय में शिकायत से मचा हड़कंप सूरजपुर, छत्तीसगढ़ | विशेष संवाददाताजिले में संचालित कुछ डिजिटल न्यूज़ पोर्टलों के खिलाफ एक गंभीर और व्यापक शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है। DD24NEWS, DD24NOW एवं Famous TV नाम से संचालित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कथित रूप से फर्जी प्रेस कार्ड जारी करने, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) की मान्यता का दुरुपयोग करने तथा नियमों के विपरीत पत्रकारों की नियुक्ति करने के आरोप लगाए गए हैं।इस संबंध में शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टर सूरजपुर एवं पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय सूरजपुर में विस्तृत लिखित आवेदन प्रस्तुत कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है। IT Rules 2021 के उल्लंघन का गंभीर आरोप*शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 के Rule-18 के तहत प्रत्येक डिजिटल न्यूज़ प्रकाशक के लिए भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के समक्ष अनिवार्य पंजीकरण आवश्यक है।आरोप है कि बिना विधिवत पंजीकरण के संबंधित डिजिटल पोर्टल प्रेस कार्ड, पोर्टल प्रेस कार्ड एवं Mic ID जारी कर रहे हैं तथा उन पर “सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त” अंकित कर भ्रामक प्रचार कर रहे हैं।कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह आरोप प्रमाणित होते हैं तो यह न केवल IT Rules 2021 का उल्लंघन होगा, बल्कि भारतीय दंड संहिता (BNS/पूर्व IPC), आईटी एक्ट एवं अन्य प्रासंगिक विधिक प्रावधानों के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आ सकता है। विभिन्न जिलों में कथित नियुक्तियां, आपराधिक पृष्ठभूमि का भी उल्लेख*शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में कथित पत्रकारों एवं पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। कुछ नियुक्त व्यक्तियों के विरुद्ध पूर्व में आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी भी आवेदन में संलग्न बताई गई है।यदि बिना वैधानिक प्रक्रिया के नियुक्तियां की गई हैं, तो यह प्रशासनिक एवं कानूनी दृष्टि से गंभीर विषय माना जा रहा है।*प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग**शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन से निम्न प्रमुख मांगें की हैं:1. DD24NEWS, DD24NOW एवं Famous TV की MIB Rule-18 के अंतर्गत वैधानिक स्थिति की विधिवत जांच की जाए।2. जारी किए गए सभी प्रेस कार्ड, पोर्टल प्रेस कार्ड एवं Mic ID की प्रामाणिकता की जांच कर सत्यापन कराया जाए।3. आरोप सिद्ध होने की स्थिति में IT Act, IT Rules 2021, भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं अन्य लागू धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।4. भविष्य में फर्जी प्रेस कार्ड एवं फर्जी पत्रकारों के नेटवर्क पर रोक लगाने हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।*पत्रकारिता की साख पर सवाल*विशेषज्ञों का मानना है कि यदि फर्जी प्रेस कार्ड का दुरुपयोग हो रहा है तो इससे न केवल प्रशासनिक तंत्र प्रभावित होता है, बल्कि वास्तविक और जिम्मेदार पत्रकारों की साख भी दांव पर लग जाती है।पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मानी जाती है। ऐसे में यदि किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा सामने आता है तो यह मीडिया जगत की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।👁️ अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें*शिकायत कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दर्ज होने के बाद अब पूरे जिले में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।क्या यह संगठित फर्जी प्रेस कार्ड नेटवर्क का मामला है?क्या नियमों की अनदेखी कर बड़े स्तर पर नियुक्तियां की गईं?क्या मंत्रालय की मान्यता का दुरुपयोग हुआ?इन सभी सवालों के जवाब अब प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।फिलहाल जिले में इस प्रकरण को लेकर उत्सुकता और सतर्कता दोनों बढ़ गई है, और अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
