jila Raigarh

41 वर्षों की प्रशासनिक यात्रा को विराम,राजेश मेहरा ने बांटा सफलता और सेवा का मंत्र रायगढ़ कलेक्टरश्रीमान मयंक चतुर्वेदी ने श्री मेहरा को शाल श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर किया सम्मानित

41 वर्षों की प्रशासनिक यात्रा को विराम,राजेश मेहरा ने बांटा सफलता और सेवा का मंत्र 26 कलेक्टरों के साथ किया कार्य,सेवानिवृत्ति पर हुए भावुक रायगढ़। कलेक्टोरेट रायगढ़ के अधीक्षक राजेश मेहरा ने 41 वर्ष 3 माह 11 दिन की लंबी एवं गौरवपूर्ण शासकीय सेवा पूर्ण करने के बाद 31 मई को सेवानिवृत्ति ग्रहण की।इस अवसर पर आयोजित गरिमामय समारोह के दौरान कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने श्री मेहरा को शाल श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और उनके बेहतर कार्यप्रणाली की प्रसंशा करते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की।जिला प्रशासन के सम्मान से गदगद सुपरिंटेडेंट राजेश मेहरा ने अपने सेवा काल के अनुभव साझा करते हुए कहा कि “काम ही व्यक्ति की वास्तविक पहचान होता है।”अपने उद्बोधन में श्री मेहरा ने कलेक्टर,अपर कलेक्टर,संयुक्त कलेक्टर सहित समस्त अधिकारियों एवं सहकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासकीय सेवा में सेवानिवृत्ति,पदोन्नति और स्थानांतरण स्वाभाविक पड़ाव हैं, जिनसे प्रत्येक कर्मचारी को गुजरना पड़ता है। उन्होंने बताया कि उनकी शासकीय सेवा की शुरुआत 12 फरवरी 1985 को हुई थी और अब वे 31 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। श्री मेहरा ने अपने चार दशक से अधिक लंबे सेवाकाल को याद करते हुए कहा कि उन्हें 26 कलेक्टरों के साथ कार्य करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि विभिन्न अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्य करते हुए जो अनुभव प्राप्त हुए,वे उनके जीवन की अमूल्य धरोहर रहेंगे।इस दौरान अपने प्रमोशन को लेकर कलेक्टर मुकेश बंसल को भी याद किया।उन्होंने अपने कैरियर में मिली जिम्मेदारियों और पदोन्नतियों का श्रेय तत्कालीन कलेक्टरों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के विश्वास, सहयोग और मार्गदर्शन को दिया।विशेष रूप से उन्होंने उन अधिकारियों का उल्लेख किया जिनके समर्थन से उन्हें सहायक अधीक्षक से अधीक्षक पद तक पहुंचने का अवसर मिला। समारोह के दौरान उन्होंने युवा अधिकारियों और कर्मचारियों को संदेश देते हुए कहा कि कार्यस्थल केवल कार्यालय नहीं,बल्कि एक परिवार होता है, जहां परस्पर सहयोग,सम्मान और टीम भावना के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच किसी भी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है तथा दूसरों का मूल्यांकन करने की बजाय स्वयं के कार्यों और दायित्वों का ईमानदारी से आत्ममूल्यांकन करना चाहिए।अपने अनुभव साझा करते हुए श्री मेहरा ने कहा कि अधीनस्थ कर्मचारियों को सम्मान देने और टीम भावना के साथ काम करने से कठिन से कठिन दायित्व भी सफलतापूर्वक पूरे किए जा सकते हैं। उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में मिले स्नेह,सहयोग और विश्वास को अपनी सबसे बड़ी पूंजी बताया। सेवानिवृत्ति समारोह में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने श्री मेहरा की कर्मनिष्ठा,सरलता और प्रशासनिक दक्षता की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ एवं सुखद भविष्य की कामना की।*युवा कर्मचारियों को दिए ये पांच महत्वपूर्ण संदेश पद छोटा या बड़ा नहीं होता,कार्य के प्रति निष्ठा ही वास्तविक पहचान बनाती है।जो कर्मचारी सीखना नहीं छोड़ता,वह जीवन में कभी पीछे नहीं रहता।आलोचना को सुधार का अवसर मानना चाहिए। टीम भावना से किया गया कार्य अधिक सफल और सम्मानजनक होता है। नौकरी को केवल रोजगार नहीं,बल्कि जनसेवा का माध्यम समझकर कार्य करना चाहिए।“याद रखिए, काम बोलता है, व्यक्ति नहीं”— इस संदेश के साथ श्री राजेश मेहरा ने अपनी चार दशक लंबी प्रशासनिक यात्रा का भावुक समापन किया।

Khilawan Prasad Dwivedi

Sakti Samachar News is one of the biggest Hindi News portal where you can read updated Hindi News on Politics, Sports, Business, World, Entertainment etc.

Related Articles