कृषि विज्ञान केंद्र भाटापारा पहुंचे श्रीमति जानकी सत्यनारायण चंद्रा, प्राकृतिक कृषि प्रक्षेत्र परीक्षण का लिया जायजा

कृषि विज्ञान केंद्र भाटापारा पहुंचे श्रीमति जानकी सत्यनारायण चंद्रा, प्राकृतिक कृषि प्रक्षेत्र परीक्षण का लिया जायजा
धान, उड़द और सोयाबीन फसलों का निरीक्षण, बीज उत्पादन और पशुपालन इकाइयों को सराहा। भाटापारा। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के प्रबंध मंडल सदस्य जानकी सदानारायण चंद्रा ने कृषि विज्ञान केंद्र, भाटापारा का भ्रमण किया।
इस दौरान उन्होंने केंद्र में संचालित विभिन्न कृषि गतिविधियों, प्रदर्शन इकाइयों और प्रक्षेत्र परीक्षणों का बारीकी से अवलोकन किया तथा फसल उत्पादन, बीज उत्पादन, प्राकृतिक कृषि, पशुपालन और एफपीओ से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली।
भ्रमण के दौरान उन्होंने धान, उड़द और सोयाबीन की फसलों का निरीक्षण किया। विशेष रूप से उड़द फसल में चल रहे प्राकृतिक कृषि आधारित प्रक्षेत्र परीक्षण का जायजा लेते हुए उन्होंने पौधों की वृद्धि, कीट-रोग प्रबंधन और मृदा की स्थिति का मुआयना किया।
केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. अंगद सिंह राजपूत ने बताया कि इन परीक्षणों का उद्देश्य किसानों के लिए कम लागत वाले व्यावहारिक तकनीकी विकल्प विकसित करना है।चंद्रा ने प्राकृतिक कृषि तकनीकों के वैज्ञानिक प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इससे किसानों को नई तकनीक अपनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने केंद्र द्वारा किसानों, ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी प्रशंसा की। बीज उत्पादन और पशुपालन इकाइयों का निरीक्षण: बीज उत्पादन के तहत उन्होंने हल्दी, जिमीकंद और अरबी के बीज उत्पादन कार्यक्रमों का निरीक्षण कर गुणवत्तायुक्त रोपण सामग्री के संरक्षण व वितरण की प्रक्रिया समझी। पशुपालन व नर्सरी में गाय पालन व दुग्ध उत्पादन इकाई का भ्रमण कर कृषि के साथ पशुपालन जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की।
साथ ही, नर्सरी इकाई का अवलोकन कर विभिन्न पौध उत्पादन की जानकारी ली।एफपीओ उत्पाद के तहत प्रदर्शनी कक्ष में कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा तैयार उत्पादों, उनके प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और पैकेजिंग की सराहना की। उन्होंने इन इकाइयों को किसानों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण का प्रभावी माध्यम बनाने पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर केंद्र के वैज्ञानिक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे