जिला गरियाबंद कलेक्टर बी.एस. उईके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर अपने तमाम विभाग प्रमुखों के साथ गांव पहुंचे। जहां आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में अधिकारियों ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना

पैकेज स्टोरीस्लग– जहां पहुंचना था मुश्किल, वहां पहुंचा प्रशासनएंकर… गरियाबंद नक्सलमुक्त होने के बाद प्रशासनिक अमला नक्सल प्रभावित इलाका रहा साहेबीन कछार पहुंचा, 46 वर्षों बाद प्रशासनिक अमला पहुंचने के बाद यहां भरोसे और विकास की नई शुरुआत हुई। जिले के मैनपुर विकासखंड के अति
संवेदनशील क्षेत्र साहेबीन कछार में आज एक ऐतिहासिक क्षण तब देखने को मिला, जब नक्शलमुक्त होने के बाद लगभग 46 वर्षों पश्चात प्रशासनिक अमला गांव पहुंचा। यह केवल एक दौरा नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास, विकास और सुरक्षा के नए अध्याय की शुरुआत है।कलेक्टर बी.एस. उईके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर अपने तमाम विभाग प्रमुखों के साथ गांव
पहुंचे। जहां आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में अधिकारियों ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और मौके पर ही समाधान की दिशा में ठोस पहल की।जनसंवाद शिविर के दौरान विभिन्न विभागों से कुल 184 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 64 प्रकरणों का त्वरित निराकरण मौके पर ही किया गया। शेष आवेदनों के निराकरण के लिए समय-सीमा तय कर संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई। अधिकारियों द्वारा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई, वहीं पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा, शांति और जागरूकता का संदेश देकर ग्रामीणों में भरोसा और आत्मविश्वास मजबूत किया। कलेक्टर ने कहा— “अब यह क्षेत्र केवल नक्शे का एक दूरस्थ हिस्सा नहीं, बल्कि विकास की मुख्यधारा का सशक्त भाग बनेगा। शासन की मंशा है कि हर अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और कोई भी गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे।” यह पहल न केवल विकास कार्यों को गति देने वाली है, बल्कि दशकों से अलग-थलग पड़े इस क्षेत्र में विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी मजबूत कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अब विकास का पहिया उन अंचलों तक पहुंच रहा है, जहां कभी पहुंच पाना भी चुनौती था, जिससे क्षेत्र में नई उम्मीद, विश्वास और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।बाइट 1… अर्जुन सिंह नायक, पूर्व सरपंच ( हल्का ऑरेंज कलर का शर्ट और गमछा लगाए )।बाइट 2… गौरीशंकर कश्पय, अध्यक्ष, जिला पंचायत गरियाबंद ( माथे पर तिलक व सफेद कुर्ता में ब्राउन कलर का जैकेट पहने हुए )।बाइट 3… भगवान सिंह उइके, कलेक्टर, गरियाबंद ( पावर चश्मा व सफेद शर्ट पहने )।बाइट 4… वेदव्रत सिरमौर, एसपी, गरियाबंद ( खाकी वर्दी में)।