किसानों द्वारा अध्यक्ष को सौंपे गए लिखित ज्ञापन में शत्रुघन पैंकरा, शाखा प्रबंधक, चन्द्रपुर, जिला सक्ती पर दुर्व्यवहार, अपमानजनक भाषा के प्रयोग करने का आरोप

किसानों ने शाखा प्रबंधक पर दुर्व्यवहार और अनियमितता के लगाए आरोप, जांच की मांग बिलासपुर/सक्ती, 19 फरवरी 2026।जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित बिलासपुर के जनपद क्षेत्र में पदस्थ एक शाखा प्रबंधक के खिलाफ किसानों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों द्वारा अध्यक्ष को सौंपे गए लिखित ज्ञापन में शत्रुघन पैंकरा, शाखा प्रबंधक, चन्द्रपुर, जिला सक्ती पर दुर्व्यवहार, अपमानजनक भाषा के प्रयोग और वित्तीय लेनदेन में अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं।ज्ञापन में क्या हैं आरोप?किसानों के हस्ताक्षरयुक्त आवेदन के अनुसार शाखा प्रबंधक द्वारा किसानों के साथ असभ्य व्यवहार और गाली-गलौज किए जाने का आरोप है। कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि उनसे पैसा लेकर बाद में वापस किया जाता है, जिससे अनावश्यक मानसिक और आर्थिक दबाव बनता है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख है कि शाम 5 बजे के बाद बड़ी मात्रा में भुगतान किए जाने जैसी प्रक्रियात्मक अनियमितताएँ देखी गईं। आदिवासी किसानों के प्रति जातिसूचक टिप्पणियों का भी आरोप लगाया गया है।ज्ञापन के अंत में चेतावनी दी गई है कि यदि मामले में उचित जांच और कार्रवाई नहीं हुई तो किसान आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। आवेदन पर कई किसानों के नाम, हस्ताक्षर और संपर्क नंबर दर्ज हैं।किसानों की मांगकिसानों ने बैंक प्रशासन से मांग की है कि: 1. आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। 2. जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारी को प्रशासनिक दायित्वों से अलग किया जाए (यदि आवश्यक हो)। 3. भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ।बैंक का पक्षइस संबंध में बैंक प्रबंधन से संपर्क करने पर आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी। बैंक सूत्रों का कहना है कि ज्ञापन की प्रति मिलने के बाद नियमानुसार परीक्षण किया जाएगा।स्थानीय स्तर पर चर्चामामले के सार्वजनिक होने के बाद क्षेत्र में सहकारी बैंकिंग सेवाओं की कार्यप्रणाली और किसान-अधिकारी संवाद को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता और संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करना आवश्यक है।