जिला सक्ति PM श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, चिस्दा में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा भी किया गया, जिसे विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह और एकाग्रता के साथ देखा व सुना

PM श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, चिस्दा में सामूहिक सहभागिता दिनांक : 06 फरवरी 2026 | समय : प्रातः 10:00 बजे आज माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “परीक्षा पे चर्चा” के 9वें संस्करण के अंतर्गत देशभर के विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। इस प्रेरणादायक कार्यक्रम का ऑनलाइन प्रसारण PM श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, चिस्दा में भी किया गया, जिसे विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह और एकाग्रता के साथ देखा व सुना। प्रधानमंत्री आवास में आमंत्रित विद्यार्थियों ने अपने मन के अनेक प्रश्न पूछे, जिनका प्रधानमंत्री ने सरल, व्यावहारिक और प्रेरक शैली में क्रमशः उत्तर दिया। एक छात्र के प्रश्न पर—स्कूली पढ़ाई और कोचिंग में किसे प्राथमिकता दें—प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि 12वीं की परीक्षा पर पहले ध्यान देना चाहिए, क्योंकि वही आगे की तैयारी की मजबूत नींव है। प्रधानमंत्री ने अपनी पुस्तक “एग्ज़ाम वॉरियर” का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को परीक्षा-तनाव से मुक्त रहने के उपाय बताए। उन्होंने समय प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि रोज़ डायरी में कार्यों की सूची बनानी चाहिए, जिससे समय की बर्बादी रुकती है और थकान व दबाव दोनों कम होते हैं। सही दृष्टिकोण से गणित जैसे विषय भी आनंददायक बन सकते हैं—यह संदेश बच्चों को विशेष रूप से प्रेरित करता दिखा। उन्होंने कहा कि परीक्षा केवल अंक के लिए नहीं, सीखने के लिए होनी चाहिए। बच्चों में संगीत, कला और लेखन जैसे विषयों के प्रति बढ़ती रुचि को उन्होंने सकारात्मक बदलाव बताया। अनुभवजन्य शिक्षा आत्मविश्वास बढ़ाती है और निरंतर अभ्यास से घबराहट दूर होती है। परीक्षा से पहले 30 सेकेंड शांत बैठकर गहरी साँस लेने की सलाह भी दी गई। माता-पिता के सहयोग पर आए प्रश्न के उत्तर में प्रधानमंत्री ने कहा कि – “कम्फर्ट टीचिंग ही सफलता का आधार नहीं होती; अनेक अभावों के बावजूद भी विद्यार्थी सफलता के शिखर तक पहुँचते हैं”। तमिलनाडु से आए छात्र निखिल के प्रश्न पर—जो बात भूलना चाहते हैं, लोग वही याद दिलाते हैं—प्रधानमंत्री ने संवाद और प्रश्न करने की आदत को समाधान बताया। सपनों पर बोलते हुए उन्होंने कहा—सपने ज़रूर देखें और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर कार्य करते करें। रोज़ महान व्यक्तियों की जीवनियाँ पढ़ने से सीख मिलती है। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को दोहराते हुए स्वदेशी, शिक्षा, AI इनोवेशन और स्वच्छता को प्रमुख आधार बताया। AI के उपयोग पर सावधानी और जिम्मेदारी की आवश्यकता पर भी बल दिया। कार्यक्रम के दौरान कर्नाटक से आए एक छात्र द्वारा शास्त्रीय बाँसुरी वादन प्रस्तुत किया गया। बच्चों ने प्रधानमंत्री को उपहार भेंट किए, जिनके लिए उन्होंने आभार व्यक्त किया। PM श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, चिस्दा के विद्यार्थियों के लिए यह कार्यक्रम प्रेरणा, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच से भरपूर रहा। परीक्षा पे चर्चा ने परीक्षा को बोझ नहीं, बल्कि सीखने और आगे बढ़ने का अवसर बनाने का संदेश दिया।