जिला सक्ती कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय एकदिवसीय धरना कोटवार एसोशिएशन ऑफ छत्तीसगढ़, रायपुर।

पं.क्र. 40। कोटवार एसोशिएशन ऑफ छत्तीसगढ़, रायपुर जिला : सक्ती (छ.ग.) अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रसाद सिदार ग्राम जमगहनमो.नं. सचिव श्री रतनलाल सारथी ग्राम पोतामो.नं. उपाध्यक्षश्री बाबूसिंह कंवर ग्राम जुड़गा क्रमांक दिनांक कोषाध्यक्ष श्री स्तनसिंह सिदार ग्राम फरसवानीसह सचिय श्री मिठूदास महंत ग्राम कटारी महामंत्रीश्री शम्भूलाल चौहान श्री चन्द्रभान महंत श्री शांतिलाल चौहानसंरक्षकश्री महादेव चौहान श्री शंकरलाल चौहान श्री सुफल महंत कार्यकारिणी टहलूदास, कौशलप्रसाद, जुगुतराम, धरमदास, संतनदास, नेतराम, मुरलीधर, भरतलाल, रेशमलाल, राघवेन्द्र, संतोष, भरतदास, सौखीदास, अमरसिंह. प्रेमदास, किशुनराम, सम्मेलाल, दयादास

जिता कोटवार संघ सक्तीहै अतः महोदय से निवेदन है की कोटवारों को एक ही वर्ग में रखते हुए उन्हें सम्मानजनक पारिश्रमिक भुगतान किया जाए जिसमें कम से कम 15000/-₹ मासिक हो।(3) कोटवार नियुक्ति में मनमानी करते हुए गैर वंशज सदस्यों को नियुक्ति देने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाते हुए कोटवारों के परिवार के सदस्यों को ही कोटवार पद नियुक्त किया जावे।

आजादी के पूर्व से ही यह परम्परागत रूप से यह व्यवस्था रही है कि कोटवारों के रिक्त पद पर निवृतमान कोटवार के परिवार के सदस्यों को ही कोटवार पद पर नियुक्ति दी जाती रही है. इस प्रक्रिया को जटील बना दिया गया है।
पंचायत के पूर्व में इसके लिए न तो ईश्तहार जारी किया जाता था और प्रस्ताव कीआवश्यकता होती थी परन्तु वर्तमान में राजस्व अधिकारियों द्वारा मनमानी करते हुए स्वार्थवश या राजनीतिक दबाव में आकर किसी को भी कोटवार नियुक्त कर दिया जा रहा है जिसके कारण कोटवारों के परिवार के सदस्यों को अनावश्यक रूप से न्यायालयीन प्रक्रियाओं में उलझकर दर दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं।

अतः महोदय से विनम्र निवेदन है कि कोटवारों की नियुक्ति में मनमानी व भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाते हुए पूर्व की परम्परागत व्यवस्था को कायम रखते हुए कोटवार परिवार के सदस्यों को ही कोटवार नियुक्त करने स्पष्ट आदेश जारी किया जाये।(4) नगर पालिका निगम क्षेत्र में कोटवारों की नियुक्ति पर लगा प्रतिबंध तत्काल हटाए जाये।
महोदय ज्ञात हो की कोटवारों की नियुक्ति ग्रामीण स्तर पर की जाती है परंतु शहरी क्षेत्र के नजदीक के गांव को जब नगर पंचायत या नगर पालिका क्षेत्र में ले लिया जाता है तो यहां कोटवारों के मृत्यु, त्याग पत्र अथवा सेवा निवृत्त होने की स्थिति में कोटवारों की नियुक्ति पर प्रतिबंध लगा दिया गया है जो की कोटवारों के साथ अन्याय है। चूंकि कोटवारों की सेवाएं पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही हैं और उसी सेवा के ऐवज में मिले पारिश्रमिक या मिली सेवा भूमि से उनका गुजारा चलता है।

वर्तमान में नगर पंचायत या नगरपालिका, निगम में कोटवार नियुक्त नहीं किया जा रहा है जिसके कारण प्रभावित कोटवार परिवार के सदस्यों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।यदि नगर पालिका निगम क्षेत्र में कोटवारों की आवश्यकता नहीं है तो कोटवारों के सदस्यों को नगर पालिका निगम क्षेत्र में किसी न किसी पद पर नियुक्ति दी जाये अथवा उनके द्वारा धारित जमीन से उनको बेदखल न किया जाए।अतः महोदय से करबद्ध प्रार्थना है कि, उपरोक्त मांगों की पूर्ति कर कोटवारोंको अनुग्रहित करने की महति दया करेंगे।